सूडान में 15 अप्रैल से आंरभ हुई हिंसा, गंभीर झड़पों में बदल गई है जिससे वहां पर भारी नुक़सान हुआ है। इसी बीच ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नासिर कनआनी ने आशा व्यक्त की है कि सूडान में संघर्षरत पक्ष पवित्र रमज़ान के अन्तिम दिनों में धैर्य से काम लेते हुए शांति का कोई मार्ग ढूंढेंगे। उन्होंने कहा कि इसका सीधा सा रास्ता वार्ता है।
सूडान में पिछले कुछ दिनों के दौरान हिंसा में दसियों लोग मारे जा चुके हैं। सूडान के डाक्टर्स एसोसिएशन का कहना है कि देश में हालिया दिनों में झड़पों में कम से कम 47 लोग मारे गए हैं जबकि 380 लोग घायल हुए हैं। मृत्कों में राष्ट्रसंघ के तीन कर्मचारी भी शामिल बताए जा रहे हैं।
इसी बीच सूडान के लिए संयुक्त राष्ट्रसंघ के विशेष दूत वाॅकर पेरतेस ने शनिवार को वहां पर होने वाली हिंसा की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने जारी झड़पों को तत्काल रोके जाने की मांग की है। इसी बीच सूडान में बढ़ती हिंसा को देखते हुए यूरोपीय संघ की विदेश नीति के प्रभारी जोसेफ बोरेल ने भी कहा है कि इसको फौरन रुकना चाहिए।
सूडान की सत्ता का नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास करने वाले एक सशस्त्र गुट रैपिड सपोर्ट फोरसेज़ का कहना है कि उसने राष्ट्रपति महल और सूडान के तीन हवाई अडडों को अपने नियंत्रण में ले लिया है।
बताया जा रहा है कि विद्रोही सशस्त्र गुट, सरकारी टीवी और सेना के मुख्यालय पर क़ब्जा करने के प्रयास कर रहा है जिसके कारण झड़पें गंभीर हो चली हैं। हालांकि विद्रोही गुट रैपिट सपोर्ट फोरसेज़ और सूडान की सेना दोनों ने ही राजधानी ख़रतूम के हवाई अड्डे और सेना के मुख्यालय पर नियंत्रण के दावे किये हैं।
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